प्रतिशत कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
अपनी ज़रूरत के हिसाब से तरीका चुनें — “Y का X%”, “X, Y का कितना % है” या “X से Y तक % परिवर्तन” — और फिर अपने दो नंबर डालें। नतीजा तुरंत दिख जाता है, तो आप जवाब तय करने से पहले कई नंबर आज़मा सकते हैं।
प्रतिशत निकालने के तीन तरीके
Y का X% ऐसे सवालों का जवाब देता है जैसे “150 का 20% कितना होता है?”। इसका फ़ॉर्मूला है (X ÷ 100) × Y। 150 का 20% यानी 0.20 × 150 = 30। टिप, टैक्स या छूट की रकम निकालने के लिए यही तरीका इस्तेमाल करें।
X, Y का कितना % है सवाल को उल्टा कर देता है: “12, 40 का कितना % है?”। यहाँ फ़ॉर्मूला है (X ÷ Y) × 100, यानी (12 ÷ 40) × 100 = 30%। जब आपके पास पहले से दो आंकड़े हों और उनके बीच का अनुपात जानना हो — जैसे कुल अंकों में से मिले नंबर, या बजट का कितना हिस्सा खर्च हुआ — तब यह तरीका काम आता है।
X से Y तक % परिवर्तन बताता है कि कोई आंकड़ा कितना बढ़ा या घटा: ((Y − X) ÷ X) × 100। 80 से 100 होने पर ((100 − 80) ÷ 80) × 100 = 25%, यानी 25% की बढ़ोतरी। लेकिन 100 से घटकर 80 होने पर यह 20% की कमी है, 25% नहीं, क्योंकि आधार संख्या (denominator) बदल गई है। यह फ़र्क अक्सर लोगों को उलझा देता है, इसलिए हमेशा देख लें कि शुरुआती नंबर कौन-सा है।
रोज़मर्रा के उदाहरण
- छूट: ₹3,000 की जैकेट पर 25% छूट मिले तो कीमत होगी
3,000 − (0.25 × 3,000) = ₹2,250। - परीक्षा के अंक: 50 में से 42 सवाल सही करने पर स्कोर होगा
(42 ÷ 50) × 100 = 84%। - वेतन वृद्धि: सैलरी ₹50,000 से बढ़कर ₹53,500 हो जाए तो यह
((53,500 − 50,000) ÷ 50,000) × 100 = 7%की बढ़ोतरी है। - टिप: ₹3,400 के बिल पर 18% टिप यानी
0.18 × 3,400 = ₹612।
एक आम गलती: प्रतिशत बनाम प्रतिशत बिंदु (percentage point)
अगर ब्याज दर 5% से बढ़कर 7% हो जाए, तो यह 2 प्रतिशत बिंदु (percentage point) की बढ़ोतरी है, लेकिन ((7 − 5) ÷ 5) × 100 = 40% की सापेक्ष (relative) बढ़ोतरी भी है। खबरों में अक्सर इन दोनों को मिला दिया जाता है, जबकि इससे नंबर का मतलब काफी बदल जाता है — 2 बिंदु छोटा लगता है, 40% बहुत बड़ा लगता है, और नापने के तरीके के हिसाब से दोनों ही सही हैं। जब भी प्रतिशत में बदलाव पढ़ें या बताएं, यह साफ़ करें कि आप किसका ज़िक्र कर रहे हैं।
एक और आम गलती यह मान लेना है कि किसी संख्या को 20% बढ़ाकर फिर 20% घटा देने से वह वापस अपनी पुरानी जगह आ जाएगी। असल में ऐसा नहीं होता, क्योंकि दूसरी बार की गणना का आधार पहले से बड़ा हो चुका होता है। ₹100 को 20% बढ़ाने पर ₹120 बनता है; ₹120 को 20% घटाने पर ₹96 बनता है, ₹100 नहीं।